भारत में क्लाउड, AI और डिजिटल सर्विसेज़ की मांग तेज़ी से बढ़ रही है, और इसी के साथ डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर एक बड़ा फोकस एरिया बन चुका है। इसी ट्रेंड के बीच एक पावर इंफ्रा कंपनी ने USD 1 बिलियन तक निवेश की योजना के साथ डेटा सेंटर स्पेस में एंट्री की है, जिसने मार्केट का ध्यान खींचा है।

शेयर प्राइस में क्या हुआ?
इस खबर के बाद भी शेयर में ज़्यादा हलचल नहीं दिखी।
कंपनी का शेयर ₹1,064 के आसपास बंद हुआ और मार्केट कैप करीब ₹12,377 करोड़ रहा।
वैल्यूएशन देखें तो P/E लगभग 27.7 है, जो इंडस्ट्री एवरेज से ऊपर है।
कंपनी क्या करती है?
यह कंपनी दशकों से पावर ट्रांसमिशन, सबस्टेशन, स्मार्ट मीटर और EPC प्रोजेक्ट्स में काम कर रही है।
यानी बिजली से जुड़ा भारी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना, उसे इंस्टॉल करना और ऑपरेट करना इसका कोर बिज़नेस है।
कंपनी डेट-फ्री है और इसकी क्रेडिट रेटिंग भी मजबूत मानी जाती है।
अब यही अनुभव वह डेटा सेंटर जैसे हाई-पावर, हाई-प्रिसीजन सेक्टर में इस्तेमाल करना चाहती है।
यह खबर क्यों मायने रखती है
डेटा सेंटर कोई साधारण रियल एस्टेट नहीं होता।
इसमें सबसे अहम चीज़ होती है
• भरोसेमंद बिजली
• हाई वोल्टेज इंफ्रास्ट्रक्चर
• समय पर प्रोजेक्ट डिलीवरी
यही तीनों चीज़ें इस कंपनी की पुरानी ताकत रही हैं।
इसलिए डेटा सेंटर में एंट्री सिर्फ नया बिज़नेस नहीं, बल्कि कोर स्किल का एक्सटेंशन है।
डेटा सेंटर प्लान
कंपनी ने 2030 तक करीब 250 MW डेटा सेंटर कैपेसिटी विकसित करने का लक्ष्य रखा है।
पहले प्रोजेक्ट्स अब ज़मीन पर उतर चुके हैं।
| लोकेशन | स्टेटस |
|---|---|
| चेन्नई | Phase-1 चालू, ग्राहक ऑनबोर्ड |
| गुरुग्राम | Edge Data Centre चालू |
| नोएडा | 16 MW प्रोजेक्ट निर्माण में |
| मुंबई | Edge Data Centre FY26 तक |
इन प्रोजेक्ट्स में कुछ रेवेन्यू-शेयरिंग मॉडल पर हैं, खासकर RailTel के साथ।
ऑर्डर बुक और बिज़नेस विज़िबिलिटी
30 सितंबर 2025 तक कंपनी की ऑर्डर बुक करीब ₹9,957 करोड़ की थी।
इसमें
• 63% ट्रांसमिशन
• 19% स्मार्ट मीटर
• बाकी अन्य इंफ्रा सेगमेंट
पोस्ट-सेप्टेंबर कंपनी ने
• ₹400 करोड़ का नया ऑर्डर
• ₹750 करोड़ से ज़्यादा की L1 पोज़िशन
हासिल की है।
मैनेजमेंट का कहना है कि इस साल कुल ऑर्डर इनफ्लो ₹3,000 करोड़ तक पहुँच सकता है।
फाइनेंशियल्स का सिंपल स्नैपशॉट
H1 FY26 में
• रेवेन्यू: ₹1,352 करोड़
• PAT: ₹222 करोड़
• EPS: ₹21.21
कंपनी के पास करीब ₹2,600 करोड़ कैश है, जो प्रोजेक्ट फंडिंग के लिए बड़ी ताकत है।
निष्कर्ष
यह कंपनी अभी भी पावर इंफ्रास्ट्रक्चर प्ले ही है, लेकिन डेटा सेंटर इसका नेक्स्ट ग्रोथ लेयर बन सकता है।
शॉर्ट टर्म में डेटा सेंटर से रेवेन्यू छोटा रहेगा, पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो चुका है।
डेट-फ्री बैलेंस शीट, मजबूत ऑर्डर बुक और पावर सेक्टर का अनुभव इसे डिजिटल इंफ्रा की रेस में एक अलग जगह देता है।



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